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Friday, May 15, 2015

Don't serious Enjoy the life

By With No comments:

"सफर का मजा लेना हो तो साथ में सामान कम रखिए
और
जिंदगी का मजा लेना हैं तो दिल में अरमान कम रखिए !!

तज़ुर्बा है मेरा.... मिट्टी की पकड़ मजबुत होती है,
संगमरमर पर तो हमने .....पाँव फिसलते देखे हैं...!

जिंदगी को इतना सिरियस लेने की जरूरत नही यारों,
यहाँ से जिन्दा बचकर कोई नही जायेगा!

जिनके पास सिर्फ सिक्के थे वो मज़े से भीगते रहे बारिश में ....
जिनके जेब में नोट थे वो छत तलाशते रह गए...

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Friday, May 1, 2015

Dost ( मित्र)

By With No comments:

💎🌹💎🌹💎🌹💎🌹💎

एक बहुत बड़ा सरोवर था। उसके तट पर मोर
रहता था, और वहीं पास एक
मोरनी भी रहती थी। एक दिन मोर
ने मोरनी से प्रस्ताव रखा कि- "हम
तुम विवाह कर लें,
तो कैसा अच्छा रहे?"
मोरनी ने पूछा- "तुम्हारे मित्र
कितने है ?"
मोर ने कहा उसका कोई
नहीं है।
तो मोरनी ने विवाह से इनकार कर
दिया।
मोर सोचने लगा सुखपूर्वक रहने के
लिए मित्र बनाना भी आवश्यक है।
उसने एक सिंह से.., एक कछुए से.., और
सिंह के लिए शिकार का पता लगाने
वाली टिटहरी से.., दोस्ती कर लीं।
जब उसने यह समाचार
मोरनी को सुनाया, तो वह तुरंत
विवाह के लिए तैयार हो गई। पेड़ पर
घोंसला बनाया और उसमें अंडे दिए, और
भी कितने ही पक्षी उस पेड़ पर रहते
थे।
एक दिन शिकारी आए। दिन भर
कहीं शिकार न मिला तो वे उसी पेड़
की छाया में ठहर गए और सोचने लगे,
पेड़ पर चढ़कर अंडे- बच्चों से भूख बुझाई
जाए।
मोर दंपत्ति को भारी चिंता हुई,
मोर मित्रों के पास सहायता के लिए
दौड़ा। बस फिर क्या था..,
टिटहरी ने जोर- जोर से
चिल्लाना शुरू किया। सिंह समझ गया,
कोई शिकार है। वह उसी पेड़ के नीचे
चला.., जहाँ शिकारी बैठे थे। इतने में
कछुआ भी पानी से निकलकर बाहर आ
गया।
सिंह से डरकर भागते हुए
शिकारियों ने कछुए को ले चलने
की बात सोची। जैसे ही हाथ
बढ़ाया कछुआ पानी में खिसक गया।
शिकारियों के पैर दलदल में फँस गए।
इतने में सिंह आ पहुँचा और उन्हें ठिकाने
लगा दिया।
मोरनी ने कहा- "मैंने विवाह से पूर्व
मित्रों की संख्या पूछी थी, सो बात
काम की निकली न, यदि मित्र न
होते, तो आज हम सबकी खैर न थी।”
मित्रता सभी रिश्तों में
अनोखा और आदर्श रिश्ता होता है।
और मित्र
किसी भी व्यक्ति की अनमोल
पूँजी होते है।

अगर गिलास दुध से भरा हुआ है तो आप उसमे और दुध नहीं डाल
सकते । लेकिन आप उसमे शक्कर डाले । शक्कर अपनी जगह
बना लेती है और अपना होने का अहसास दिलाती है उसी प्रकार
अच्छे लोग हर किसी के दिल में अपनी जगह बना लेते हैं....

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Tuesday, March 3, 2015

Mere dost 2

By With No comments:

सबकी जिंदगी बदल गयी
एक नए सिरे में ढल गयी

कोई gilfriend में busy है
कोई बीवी के पीछे crazy हैं

किसी को नौकरी से फुरसत नही
किसी को दोस्तों की जरुरत नही

कोई पढने में डूबा है
किसी की दो दो महबूबा हैं

सारे यार गुम हो गये हैं
तू से आप और तुम हो गये है

कोई hello बोल कर formality करता हैं
कोई बात न करने के लिए guilty करता हैं

वक़्त वक़्त की बात हैं
किसी ने number save किया

किसी ने अजनबी सा behave किया

माना के अब हम साथ नही है
पर चुप चुप रहने की भी तो बात नही हैं

कभी मिलो तो बोल लिया करो
बंद गांठो को खोल ल
िया करो

शिकायत हो तो दूर करो
पर यारो को खुद से न दूर करो

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Mere dost

By With No comments:

नफरतों के बाजार में जीने का अलग ही मजा है.!

लोग "रूलाना" नहीं छोडते,
और हम "हसना" नहीं छोडते..!!

"हमने अपने नसीब से ज्यादा अपने दोस्तो पर भरोसा रखा है....

क्युंकि.....

नसीब तो बहुत बार बदला है,
लेकिन मेरे दोस्त अभी भी वही है!".…

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