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Tuesday, March 3, 2015

Mere dost 2

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सबकी जिंदगी बदल गयी
एक नए सिरे में ढल गयी

कोई gilfriend में busy है
कोई बीवी के पीछे crazy हैं

किसी को नौकरी से फुरसत नही
किसी को दोस्तों की जरुरत नही

कोई पढने में डूबा है
किसी की दो दो महबूबा हैं

सारे यार गुम हो गये हैं
तू से आप और तुम हो गये है

कोई hello बोल कर formality करता हैं
कोई बात न करने के लिए guilty करता हैं

वक़्त वक़्त की बात हैं
किसी ने number save किया

किसी ने अजनबी सा behave किया

माना के अब हम साथ नही है
पर चुप चुप रहने की भी तो बात नही हैं

कभी मिलो तो बोल लिया करो
बंद गांठो को खोल ल
िया करो

शिकायत हो तो दूर करो
पर यारो को खुद से न दूर करो

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