एक कहानी .........गरीबी की !
दिल से पढ़ना आप कुछ सोचने की लिए मज़बूर हो जाएंगे
आफिस जाते हुये रास्ते मे सिग्नल पर एक 10-12 साल की लड़की फूल बेचने गाडी की खिड़की पर आ गयी,
उसके कपडे जगह जगह से फटे हुये थे,
उन फटे कपड़ो से उसके सारे अंग झांक रहे थे,
मन वितृष्णा से भर गया,
अगले दिन मैं घर से अपनी बेटी की एक टी-शर्ट साथ ले गया,और सिग्नल पर जैसै ही वो पास आयी"
लो बेटा ये पहन लो,
फटे कपड़े मत पहना करो
"कहते हुये उसे वो टी शर्ट दे दी,
उसने भी तुरंत अपने फटे कपड़ो के उपर ही उसे पहन लिया और हँसते हुये बोली
"बाबु अब ठीक हैं"
इतने मे ही सिग्नल हरा हो गया और मैने मुस्कुराते हुये गाड़ी आगे बढ़ा दी।
अगले दिन सिग्नल पर वो मुझे फिर उन फटे कपड़ो मे दिखाई दी, मैने उसे बुलाकर गुस्से से कहा
"क्यो तुमने फिर ये फटे कपड़े पहन लिये?
"वो मूँह फुलाकर बोली "बाबु आपने इतने गंदे कपड़े पहनने को दिये,
उन्हे पहनने के बाद कल मेरा एक भी फूल नहीं बिका, और देखो आज पुराने कपड़े पहने तो सुबह से अब तक 10 फूल बेंच चुकी हूँ"
कह कर वो आगे बढ़ गयी और मैं बुदबुदाता ही रह गया
"बेटे गंदे मेरे कपड़े नही है,
गंदी तो लोगों की नजर हैं"।
यही कडवी सच्चाई है हमारे समाज की जो सम्मान आप अपनी बहन बेटी के लिये
चाहते वही सम्मान और की बहन बेटी को भी जरूर दे
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Sunday, April 26, 2015
Choti choti soch logo ki
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